एक बार एक छोटा सा परिवार था और उसमें पति रमेश -पत्नी
आशा और दो बच्चे थे जिनमें बड़ी वाली लड़की पुजा जो ६ वर्ष । और छोटा वाला लड़का राजन ३ साल का था
रमेश एक दफ्तर में काम करते थे जो उन दोनों बच्चों के पिता
जी थे। रमेश जी अपने दफ्तर के कामो में काफी बिजी होने के
कारण वह अपने घर रात को देरी से आते थे और सुबह लेट सो
कर उठते थे जिसके कारण वह अपने बच्चों से नही मील पाते
थे । सुबह जब वह सोकर उठते तब तक बच्चे स्कूल चले जाते थे
।रात में भी जब वह वापस आते तबतक बच्चे खाना खाकर
इन्तजार करते थे कि पापाजी अभी आयेंगे पर अफ़सोस है कि
वह नही आते थे और जब तक वह आते तबतक बच्चे सो जाते थे ।
एक दिन की बात है कि साम के ५ बजे एक पड़ोस के अंकल
जी अपने बच्चों के साथ मार्केट जा रहे थे तो उनके बच्चे बोल
रहे थे कि पापाजी आज मैं ज्यादा आइसक्रीम खाऊंगा फिर पार्क
में घुमने जायेगे । रमेश जी की लड़की पुजा यह सब कुछ बहुत
ध्यान से देख रही थी और सोच रही थी कि जब मेरे पापाजी
आयेंगे तो मैं भी अपने पापाजी के साथ जाउंगी ।लेकिन वह
नहीं जा पाती थीं । फिर कुछ दिन बाद संडे आया। फिर उस दिन
पुजा के पापाजी मीले । जिसके कारण वह काफी खुश थी।
तभी अचानक से उसके दीमाग में ख्याल आया । और वह
अपने पापा से पूछा कि आप एक महीने में कीतना रूपया
कमाते हैं तो उन्होंने बताया कि वह १२००० रुपये। क्यों बेटी
यैसा क्यों पूछ रहे हो । कुछ नहीं पापाजी आप एक बार
बताइये न् फिर पापाजी बोले ठीक है बोलो फिर पुजा ने कहा कि
आप एक दिन में कीतना रूपया कमाते हैं तो उन्होंने बताया कि
वह दिन का ४००। उसके बाद पुछी कि पापाजी आप एक घंटे में
कीतना रूपया कमाते हैं तो उन्होंने बताया कि वह एक घंटे में
४० रूपये कमाते हैं । फिर उस लड़की ने बोली की आप यहीं पर
रूकिऐ में अभी आती हूँ । फिर वह अपने बेड के अंदर से एक
गुल्लक नीकाली और उस गुल्लक को अपने पापाजी के सामने
तोड़ दी । और उसमें से ४० रूपये अपने पापाजी को दी और
बोली कि कल आप एक घंटे पहले दफ्तर से आ जाइयेगा ।
क्योंकि कल मैं आप के साथ मार्केट जाऊँगी।।।।।।
दोस्तों इस कहानी को लिखने में हमसे अगर कोई भुल होगयी
हैं या आपको समझ में नहीं आया है तो वह हमें जरूर कमेंट्स
करे। || || धन्यवाद ।
आशा और दो बच्चे थे जिनमें बड़ी वाली लड़की पुजा जो ६ वर्ष । और छोटा वाला लड़का राजन ३ साल का था
रमेश एक दफ्तर में काम करते थे जो उन दोनों बच्चों के पिता
जी थे। रमेश जी अपने दफ्तर के कामो में काफी बिजी होने के
कारण वह अपने घर रात को देरी से आते थे और सुबह लेट सो
कर उठते थे जिसके कारण वह अपने बच्चों से नही मील पाते
थे । सुबह जब वह सोकर उठते तब तक बच्चे स्कूल चले जाते थे
।रात में भी जब वह वापस आते तबतक बच्चे खाना खाकर
इन्तजार करते थे कि पापाजी अभी आयेंगे पर अफ़सोस है कि
वह नही आते थे और जब तक वह आते तबतक बच्चे सो जाते थे ।
एक दिन की बात है कि साम के ५ बजे एक पड़ोस के अंकल
जी अपने बच्चों के साथ मार्केट जा रहे थे तो उनके बच्चे बोल
रहे थे कि पापाजी आज मैं ज्यादा आइसक्रीम खाऊंगा फिर पार्क
में घुमने जायेगे । रमेश जी की लड़की पुजा यह सब कुछ बहुत
ध्यान से देख रही थी और सोच रही थी कि जब मेरे पापाजी
आयेंगे तो मैं भी अपने पापाजी के साथ जाउंगी ।लेकिन वह
नहीं जा पाती थीं । फिर कुछ दिन बाद संडे आया। फिर उस दिन
पुजा के पापाजी मीले । जिसके कारण वह काफी खुश थी।
तभी अचानक से उसके दीमाग में ख्याल आया । और वह
अपने पापा से पूछा कि आप एक महीने में कीतना रूपया
कमाते हैं तो उन्होंने बताया कि वह १२००० रुपये। क्यों बेटी
यैसा क्यों पूछ रहे हो । कुछ नहीं पापाजी आप एक बार
बताइये न् फिर पापाजी बोले ठीक है बोलो फिर पुजा ने कहा कि
आप एक दिन में कीतना रूपया कमाते हैं तो उन्होंने बताया कि
वह दिन का ४००। उसके बाद पुछी कि पापाजी आप एक घंटे में
कीतना रूपया कमाते हैं तो उन्होंने बताया कि वह एक घंटे में
४० रूपये कमाते हैं । फिर उस लड़की ने बोली की आप यहीं पर
रूकिऐ में अभी आती हूँ । फिर वह अपने बेड के अंदर से एक
गुल्लक नीकाली और उस गुल्लक को अपने पापाजी के सामने
तोड़ दी । और उसमें से ४० रूपये अपने पापाजी को दी और
बोली कि कल आप एक घंटे पहले दफ्तर से आ जाइयेगा ।
क्योंकि कल मैं आप के साथ मार्केट जाऊँगी।।।।।।
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